board exam me kaise likhe

एग्जाम के दिनों में बच्चो की समस्याओं में से एक बोर्ड एग्जाम में कैसे लिखे की होती है। स्कूल के सभी बच्चे वर्षभर board exam में marks प्राप्त करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते है फिर भी बोर्ड परीक्षा के समय उनके मन में बात होती board exam me kaise likhe answer जिससे वो अच्छे marks ला सके।

परीक्षा के समय बच्चे पढ़ाई में अपने आप को पूरी तरह से झोंक देते है। जितने भी सब्जेक्ट्स होते है सभी को अच्छी तरह याद और तैयारी कर लेते है। और जैसे जैसे board exam नजदीक आते है ये प्रक्रिया और तेज हो जाती है परंतु जब टाइम आता है बोर्ड एग्जाम में कैसे लिखे तो बच्चे अपने उत्तरों में अच्छे से सामंजस्य नही बिठा पाते जिससे अंक कम आते हैं।

अपने उत्तरों का अच्छे से प्रस्तुतिकरण भी अपने आप मे कला है। अगर आपने अपने उत्तर अच्छे से सुंदर तरीके से ओर सही ढंग से लिखे होते है तो वो आपके परीक्षक (Examiner) को भी अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

अच्छे Marks के लिए बोर्ड एग्जाम में कैसे लिखें उत्तर

अगर परीक्षक को आपके द्वारा दिये बोर्ड एग्जाम में उत्तर स्पष्ट रूप से समझ आ रहे है तो आपके अंको में बढ़ोतरी संभव ही है। अच्छे अंको से ही अच्छा भविष्य का निर्माण होता है। board exam में उत्तर तो सभी दे सकते हैं पर उत्तरों का सही प्रस्तुतिकरण (Correct presentation) करके अपने अंको में इजाफा करना किसी किसी को आता है। पर हम चाहते है कि सभी बच्चों को पता होना चाहिए की बोर्ड एग्जाम में कैसे लिखे जिससे सभी अच्छे अंक प्राप्त कर सकें। तो आज हम उन सभी बातों पर ध्यान देंगे जो आपके अंको में बढ़ोतरी कर सके।

एग्जाम में केवल प्रश्न संख्या ही लिखें

जैसे ही बोर्ड एग्जाम शुरू होती है वैसे ही बच्चे सबसे पहले उत्तर की देने की बजाय प्रश्न लिखने में व्यस्त हो जाते हैं। उत्तर लिखने से पहले उनके प्रश्न भी जरूर लिखते हैं। लेकिन प्रश्नों को लिखने का कोई लाभ नही होता बस समय की बर्बादी होती है।

अगर आपके विषय के प्रश्नपत्र में 20 प्रश्न है तो सीधा प्रश्न संख्या डाल कर उत्तर देने की पहल करनी चाहिए न कि 20 प्रश्नों को 40 लाइनों में लिखने में अपना समय नष्ट करने में। अपनी उत्तरपुस्तिका में प्रश्न की संख्या लिखे जैसे प्रश्न उत्तर 4, प्रश्न उत्तर 10, आदि। अगर किसी प्रश्न के आगे भाग या अनुभाग है तो प्रश्न संख्या के साथ उसका अनुभाग संख्या भी लिखे जैसे प्रश्न उत्तर 4(क)

एग्जाम में उत्तर देने की समय सीमा और प्रबंधन (time management)

बोर्ड एग्जाम में प्रश्नपत्र के ऊपर सभी उत्तरों को लिखने की समय सीमा होती है। उसी समय सीमा में बच्चों को अपने सभी प्रश्नों के उत्तर देने पड़ते हैं। अतः जब भी उत्तर लिखने हो तो सबसे पहले अपने दिमाग में ये सोच ले कि आपको पहले कौन कौन से उत्तर स्पष्ट रूप से याद हैं और समय सीमा के तहत अपने लिखने की स्पीड भी अच्छी रखे ताकि आप सभी प्रश्नों के उत्तर समय सीमा के रहते लिख सके।

पहले उन्ही के उत्तर लिखे जो आपको पूरी अच्छी तरह याद है क्योंकि अगर आप याद वाले उत्तर पहले लिखेंगे तो आपकी लिखने की स्पीड शुरू में ज्यादा अच्छी होगी और अंत मे आपके पास टाइम भी बच जाएगा उन प्रश्नों के उत्तर सोचने के लिए जो आपको नही आते या थोड़े याद हैं।

बोर्ड एग्जाम में स्कैच पैन का प्रयोग (use sketch pen in board exam)

बच्चे जब परीक्षा देने जाते है तो अपने साथ बस बॉल पैन (ball pen) और कुछ खास आवश्यक चीजें लेकर ही जाते हैं परंतु कोई कोई बच्चा ही अपने साथ स्कैच पेन (sketch pen) लेकर जाता है। स्केच पेन भी अंक ज्यादा लेने में काफी फायदा देता है।

अगर आपके प्रश्नों के उत्तर लंबे हैं जिनमें काफी सारे शीर्षक (Title) या उपशीर्षक (Subtitle) आ रहे हैं तो आप उन्हें स्केच के माध्यम से लिख कर आकर्षक बना सकते है। ऐसा करने पर परीक्षक को हैडिंग्स ढूंढने नही पड़ते तथा वह अनायास ही उत्तर लिखने के तरीके से प्रभावित हो जाता है जिससे बच्चे को अंक प्राप्ति में लाभ होता है।

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Headings अंडरलाइन करना (Underlined the Headings)

board exam में कई बार उत्तरों में कुछ ऐसे बिन्दु होते है जो ध्यान देने योग्य होते हैं। उन्हें अंडरलाइन करना न भूले जैसे विद्वानों या किसी विश्व व्यापि लेखक के कहे कथन को अंडरलाइन जरूर करें। ऐसा करने से परीक्षक को पेपर चेक करने में आसानी हो जाती है क्योंकि परीक्षक को प्रत्येक वस्तु साफ और स्पष्ट दिखाई देती है और वह खोजने की बजाय अपने टाइम की बचत देख कर खुश होता है जिससे आपको अधिक अंक मिलने की संभावना ज्यादा हो जाती है।

दूसरा अंडरलाइन करने का तरीका उत्तर समाप्ति पर होता है। उत्तर की समाप्ति और अगला उत्तर शुरू करने से पहले कुछ लाइन अवश्य छोड़ें तथा उत्तर खत्म होने पर पूरी शीट पर लाइन जरूर लगायें। उत्तर k होने पर बिना लाइन छोड़े दूसरे प्रश्न का उत्तर लिखना स्टार्ट न कर दें उससे पहले 3 या 4 लाइन का स्थान जरूर छोड़ें ताकि परीक्षक को नए प्रश्नोत्तर का पता आसानी से लग सके। अगर आप लाइन नही छोड़ते तो परीक्षक को पता ही नहीं चलता कि वह एक उत्तर है या दो जिससे यह संभावना बढ़ जाती है कि परीक्षक दोनों उत्तरों को एक मान कर एक के ही अंक दे देता है और बच्चे का नुकसान हो जाता है।
इसीलिए उत्तर समाप्ति पर एक लंबी लाइन खिंचे जो उत्तर समाप्ति को दर्शायेगा और कोई भी प्रश्नोत्तर जांच हुए बिना नहीं रहेगा।

अंक प्राप्ति के लिए सटीक उत्तर (Exect answer)

परीक्षा में हर प्रश्न का उत्तर सटीक और अर्थपूर्ण होना चाहिए। जो प्रश्न पूछा गया हो उसी के आधार पर और उचित शब्द सीमा के अंदर ही उत्तर लिखना चाहिए। ज्यादा लंबा उत्तर या अधिक विस्तृत उत्तर लिखने से भी परीक्षक खीझ जाता है और वह अंक देने से पीछे हटता है।

जैसा कि हमने पहले बताया है की जिस प्रश्न के उत्तर आपको स्पष्ट याद हैं पहले उन्ही को लिखे ज्यादा सोच समझ कर लिखने वके उत्तर अंत मे लिखे। इसीलिए जो याद है पहले उसका प्रश्न संख्या डाल कर लिखें क्योकि अगर जो याद है उसको पूर्ण और आकर्षक लिखने से परीक्षक इंप्रेस (impress) हो जाता है और उसके मन में जो पहला impression बन जाए तो वह अंत तक बना रहता है। इसका आपको ही लाभ मिलेगा अंक वृद्धि में।

सुंदर और स्पष्ट लिखावट

सभी बच्चों को क्लास में यही सिखाया जाता है कि बोर्ड एग्जाम में कैसे लिखे उत्तर और उन्हें यही कहा जाता है की साफ लिखो सुंदर लिखो ताकि पड़ने में आसानी हो। सुंदर लिखावट का असर हर एक परीक्षक पर पड़ता है क्योंकि जितनी साफ लिखावट होगी परीक्षक को उत्तर पड़ने और समझने में आसानी होगी अपने समय की बचत देख और बच्चे की अच्छी लिखाई देख कर परीक्षक आपको अंक देने में जरा भी संकोच नहीं करेगा।
इसीलिए परीक्षक का ध्यान आकर्षित करने और अंको में बढ़ोतरी के लिए अच्छा लिखे पूरा लिखें ओर सुंदर लिखें।

एग्जाम में चित्रो की भूमिका

परीक्षा में कई बार ऐसे प्रश्न भी आ जाते हैं जिसका उत्तर चित्रों के माध्यम से समझना पड़ता है बल्कि चित्र ही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते है। कुछ बच्चे चित्रों को अहमियत न दे कर लिखने में ज्यादा ध्यान देते हैं या फिर चित्र की जगह छोड़ कर अगले प्रश्न का उत्तर लिखने लग जाते हैं और कहते है कि चित्र हम अंत मे समय बचने पर बनाएँगे लेकिन अंत मे समय की कमी के कारण वो बना नही पाते और वो जगह खाली राह जाती है जिससे परीक्षक को वो उत्तर समझ नहीं आता और वो गलत उत्तर समझ कर कांटा मार देता है उत्तर पर।

इसीलिए अगर उत्तर में चित्र बनाना पड़े तो अवश्य बनाए। कुछ विषयों जैसे गणित, विज्ञान, इतिहास, भूगोल आदि में चित्रों की आवश्यकता बहुत होती है। मतलब की चित्रों के बिना उत्तर पूरा नहीं होता इसीलिए चित्रों को अवश्य बनाएं और साफ सुथरा बनाएं ताकि परीक्षक समझ सके और अच्छे अंक देने में मजबूर हो सके।

एग्जाम में कटिंग न करें

Board exam में बहुत से बच्चे उत्तर पुस्तिका में बहुत ज्यादा कटिंग करते हैं। कई बार तो कुछ बच्चे पूरे उत्तर पर कांटा मार कर दोबारा लिखते हैं जो बहुत ही गलत तरीके है।

इससे परीक्षक को लगता है की अपने नकल की है और ज्यादा की गई कटिंग भी परीक्षक को अच्छी नहीं लगती जिससे आपके अंक काम होने की आशंका बढ़ जाती है।

इसीलिए कोई भी उत्तर लिखने से पहले उसके बारे में पूरा सोच समझ कर लिखें ताकि कटिंग की संभावना कम हो। कटिंग से एक तो पुस्तिका की खूबसूरती खत्म हो जाती है और परीक्षक पर भी गलत impression पड़ता है।

पुराने पेन अधिक प्रयोग करें

परीक्षा में ज्यादातर बच्चे नए नए पेन लेकर जाते हैं लेकिन नए पेन कई बार आपके लिखने की गति को धीमा कर सकते हैं क्योंकि नए पेन की एक तो हाथ को आदत नहीं होती और दूसरा नए पेन की सियाही भी कई बार जमी होती है जिसे चलने में टाइम लगता है।

नए पेन से खुद को परेशानी तो आती ही है और साथ में उत्तर लिखने में काफी समय लग जाता है और लिखाई भी अच्छी नहीं आएगी।

इसलिए परीक्षा में नए पेन की बजाए पुराने पेन अधिक लाभ देते हैं क्योंकि एक तो वे हाथ में बैठे होते है और दूसरा उनकी थोड़ी बोहत घिसाई भी हुई होती है। और आपके उत्तर लिखने की स्पीड भी बहुत अच्छी होती है। यदि आपने नए पेन ही लेकर जाना है तो आप परीक्षा से कुछ दिन पहले अपने पेन खरीद लें और उसकी आदत डाल लें उसकी अच्छे से घिसाई भी कर लें ताकि परीक्षा में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

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